Environment Studies -Part-7

June 18, 2021
  1. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पाया जाता है – लवण जल मगर
  2. अंडमान और निकोबार के समुद्री जीव-जन्‍तुओं में डूगॉग्‍स, डॉल्फिन, व्‍हेल, साल्‍ट वाटर समुद्री कछुआ, समुद्री सांप आदि आमान्‍य रूप से बहुतायत से पाए जाते हैं। विशाल हिमालय श्रृंखला में पाए जाते हैं –श्रूएवं टैपीर
  3. भारत में उत्‍तर पूर्व के सघन वनों में रहता है – स्‍लो लोरिस (Slow Loris)
  4. वृक्षों पर रहने वाला वह स्‍तनधारी जिसका जूलॉजिकल नाम ऐलुरस फल्‍गेंस (Ailuras Fulgens) है –रेड पांडा
  5. भारत में रेड पांडा प्राकृतिक रूप में पाया जाता है – उत्‍तर-पूर्वी भारत के उप-हिमालयी क्षेत्रों में
  6. यह ज्ञान के विकास और संग्रहरण के लिए तथा व्‍यावहारिक अनुभव का बेहतर नीतियों हेतु पक्षसमर्थन करने के लिए क्षेत्र स्‍तर पर कार्य करता है – वेटलैंड्स इंटरनेशलन
  7. ‘वेटलैंड्स इंटरनेशलन’ एक गैर-सरकारी एवं गैर-लाभकारी वैश्विक संगठन है जो आर्द्रभूमियों एवं उनके संसाधनों को बनाए रखने तथा उन्‍हें पुन: स्‍थापित करने हेतु कार्यरत हैं। इसका मुख्‍यालय स्थित है –नीदरलैंड्स में
  8. भारत रामसर अभिसमय (Ramsar Convention) का एक पक्षकार है और उसने बहुत से क्षेत्रों को रामसर स्‍थल घोषित किया है। वह कथन जो इस अभिसमय के संदर्भ में सर्वोत्‍तम रूप से बताता है कि इन स्‍थलों का अनुरक्षण कैसेकिया जाना चाहिए – इन सभी स्‍थलों का, पारिस्थितिकी तंत्र उपागम से संरक्षण किया जाए और साथ-साथ उनके धारणीय उपयोग की अनुमति दी जाए
  9. भारत रामसर अभिसमयका एक पक्षकार है और उसने बहुत से क्षेत्रों को रामसर स्‍थल घोषित किया है ताकि इन सभी स्‍थलों का, पारिस्थितिकी तंत्र उपागम से संरक्षण किया जाए और साथ-साथ अनुमति दी जाए। – उनके धारणीय उपयोग की
  10. यदि अंतरराष्‍ट्रीय महत्‍व की किसी आर्द्रभूमि को ‘मॉन्ट्रियो रिकॉर्ड’ के अधीन लाया जाए, तो इससे अभिप्राय है – मानव हस्‍तक्षेप के परिणाम स्‍वरूप आर्द्रभूमि में पारिस्थितिक स्‍वरूप में परिवर्तन हो गया है, हो रहा है या होना संभावित है।
  11. पारिस्थितिकीय निकाय के रूप में आर्द्र भूमि (बरसाती जमीन) उपयोगी है – पोषक पुनर्प्राप्ति एवं चक्रण हेतु पौधों द्वारा अवशोषण के माध्‍यम से भारी धातुओं को अवमुक्‍त करने हेतु, तलछट रोक कर नदियों का गादीकरण कम करने हेतु
  12. जलीय तथा शुष्‍क स्‍थलीय पारिस्थितिकीय तंत्रके बीच के क्षेत्र कहलाते हैं – आर्द्र भू-क्षेत्र
  13. आर्द्रभूमि के अंतर्गत देश का कुल भौगोलिक क्षेत्र अन्‍य राज्‍यों की तुलना में अधिक अंकित है – गुजरात में
  14. भारत में तटीय आर्द्रभूमि का कुल भौगोलिक क्षेत्र, आंतरिक आर्द्रभूमि के कुल भौगोलिक क्षेत्र से – कम है
  15. जैव द्रव्‍यमान का वार्षिक उत्‍पादन न्‍यूनतम होता है – गहरे सागर में     
  16. जैव द्रव्‍यमान के उत्‍पादन की दृष्टि से प्रथम स्‍थान पर आते हैं – उष्‍णकटिबंधीय वर्षा वन
  17. ‘टुमारोज बायोडायवर्सिटी’ पुस्‍तक की लेखिका हैं – वंदना शिवा
  18. जैव-विविधता से संबंध रखते हैं – खाद्य एवं कृषि हेतु पादप आनुवंशिक संसाधनों के विषय में अंतरराष्‍ट्रीय संधि, मरुभवन का सामना करने हेतु संयुक्‍त राष्‍ट्र अभिसमय, विश्‍व विरासत अभिसमय
  19. वर्ष 1997 में विश्‍व पर्यावरण सम्‍मेलन आयोजित किया गया था – क्‍योटो में
  20. जलवायु परिवर्तन पर संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ का कन्‍वेंशन ढांचा संबंधित है – ग्रीनहाउस गैसों के उत्‍सर्जन में कमी से
  21. यूरोपीय संघ (EU) द्वारा विकासशील देशों के साथ वार्तालाप एवं सहयोग से वर्ष 2007 में स्‍थापित की गई – भूमंडलीय जलवायु परिवर्तन संधि (GCCA)
  22. यह लक्ष्‍याधीन विकासशील देशों को उनकी विकास नीतियों और बजटों में जलवायु परिवर्तन के एकीकीरण हेतु प्रदान करती है – तहनीकी एवं वित्‍तीय सहायता
  23. वायुमंडल के प्राकृतिक संतुलन के लिए कार्बन डाइऑक्‍साइड की उपयुक्‍त सांद्रता है – 03%
  24. जलवायु परिवर्तन के प्र‍मुख कारक हैं – जीवाश्मिक ईंधन का अधिकाधिक प्रज्‍ववलन, तैल चालित, स्‍वचालितों की संख्‍या विस्‍फोटन तथा अत्‍यधिक वनोन्‍मूलन
  25. वह देश जिसने ग्रीन हाउस गैस के उत्‍सर्जन में कमी करने हेतु वर्ष 2019 में ‘कार्बन टैक्‍स’ लगाने की घोषणा की – सिंगापुर
  26. कार्बन डाइऑक्‍साइड के मानवोद्भवी उत्‍सर्जनों के कारण आसन्‍न भूमंडलीय तापन के न्‍यूनीकरण के संदर्भ में कार्बन प्रच्‍छादन हेतु संभावित स्‍थान हो सकते हैं – परित्‍यक्‍त और गैर-लाभकारी कोयला संस्‍तर, नि:शेष तेल एवं गैस भंडार एवं भूमिगत गंभीर लवणीय शैल समूह
  27. जलवायु परिवर्तन पर झारखंड कार्ययोजना प्रकाशित हुई – वर्ष 2013 एवं 2014 में
  28. झारखंड जलवायु परिवर्तन कार्ययाजना रिपोर्ट (2014) के अनुसार सबसे संवेदनशील जिला है –सरायकेला खारसवां
  29. जलवायु परिवर्तन का कारण है – ग्रीन हाउस गैसें, ओजोन पर्त का क्षरण तथा प्रदूषण
  30. जीवाश्‍म ईंधन के जलने से वायुमंडल में ग्रीन हाउस गैसों में वृद्धि तथा ओजोन परत का अवक्षय प्रमुख कारण है – जलवायु परिवर्तन का
  31. वर्ष 2015 में 21वां जलवायु परिवर्तन सम्‍मेलन हुआ था –पेरिस में
  32. ग्रीन हाउस इफेक्‍ट वह प्रक्रिया है – जिसमे ंवायुमंडलीय कार्बन डाईऑक्‍साइड द्वारा इन्‍फ्रारेड विकिरण शोषित कर लिए जाने से वायुमंडल का तापमान बढ़ता है।
  33. एक प्राकृतिक प्रकिृया जिसके द्वारा किसीग्रह या उपग्रह के वातावरण में मौजूद कुछ गैसें ग्रह/उपग्रह के वातावरण के ताप को अपेक्षाकृत अधिक बनाने में मदद करती है – गैसों के वायुमंडल में जमा
  34. ‘ग्रीन हाउस प्रभाव’ है – गैसों के वायुमंडल में जमा होने से पृथ्‍वी के वातावरण का गर्म होना
  35. ग्रीन हाउस गैसों की संकल्‍पना की थी – जोसेफ फोरियर ने
  36. ‘क्‍योटो प्रोटोकॉल’ संबंधित है – जलवायु परिवर्तन से
  37. क्‍योटो प्रोटोकॉल एक अंतरराष्‍ट्रीय समझौता है, जो संबंद्ध है – UNFCCC (United Nations Framework Convention on Climate Change) से
  38. सही कथन है – क्‍योटो उपसंधि वर्ष 2005 में लागू हुई। मेथेन, कॉर्बन डाईऑक्‍साइड की तुलना में ग्रीन हाउस गैस के रूप में अधिक हानिकारक है।
  39. किसी गैस के अणुओंकी दक्षता एवं उस गैस के वायुमंडलीय जीवनकाल पर निर्भर करता है – गैस का वैश्विक तापन विभव (GWP: Global Warming Potential)
  40. कार्बन डायऑक्‍साइड का वायुमंडलीय जीवनकाल परिवर्तनीय है, जबकि सभी समयावधिओं के दौरान इसका वैश्विक तापन विभव 1 पाया गया है, वहीं दूसरी ओर मेथेन का 20 वर्ष के दौरान वैश्विक तापन विभव पाया गया  – 72
  41. पर्यावरण में ग्रीन हाउस प्रभाव में वृद्धि होती है – कार्बन डाइऑक्‍साइड के कारण
  42. वायुमंडल में उपस्थित वह गैसें जो तापीय अवरक्‍त विकिरण की रेंज के अंतर्गत विकिरणों का अवशोषण एवं उत्‍सर्जन करती हैं – ग्रीन हाउस गैसें
  43. ग्रीन हाउस गैस नहीं है– O2
  44. गैस समूह जो ‘ग्रीन हाउस प्रभाव’ में योगदान देता है – कार्बन डाइऑक्‍साइड तथा मेथेन
  45. प्राकृतिक रूप में पाई जाने वाली ग्रीन हाउस गैस जो सर्वाधिक ग्रीन हाउस इफेक्‍ट करती है – जलवाष्‍प
  46. वैश्विक ऊष्‍मन के लिए उत्‍तरदायी नहीं है – ऑर्गन
  47. मई,2011 में विश्‍व बैंक के साथ हुए उत्‍सर्जन ह्रास क्रय समझौते के बारे में सही है – समझौता 10 वर्ष के लिए लागू रहेगा, समझौता हिमाचल प्रदेश की एक परियोजना के लिए कार्बन क्रेडिट सुनिश्चित करेन के लिए है, समझौते के अनुसार एक टन कार्बन डाईऑक्‍साइड एक क्रेडिटइकाई के समतुल्‍य होगी।
  48. एक गैस जो धरती पर जीवन के लिए हानिकारक और लाभदायक दोनों है – कार्बन डाईऑक्‍साइड
  49. आज कार्बन डाईऑक्‍साइड (CO2) के उत्‍सर्जनमें सर्वाधिक योगदान करने वाला देश है – चीन
  50. वह देश जिसे दुनिया में ‘कार्बन निगेटिव देश’ के रूप में माना जाता है – भूटान


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