Ekarthak shbd ||एकार्थक शब्द||

February 20, 2021

यहाँ कुछ प्रमुख एकार्थक शब्द दिया जा रहा है।

( अ )

अहंकार- मन का गर्व। झूठे अपनेपन का बोध।
अनुग्रह- कृपा। किसी छोटे से प्रसत्र होकर उसका कुछ उपकार या भलाई करना।
अनुकम्पा- बहुत कृपा। किसी के दुःख से दुखी होकर उसपर की गयी दया।
अनुरोध- अनुरोध बराबरवालों से किया जाता है।
अभिमान- प्रतिष्ठा में अपने को बड़ा और दूसरे को छोटा समझना।
अस्त्र- वह हथियार, जो फेंककर चलाया जाता है। जैसे- तीर, बर्छी आदि।
अपराध- सामाजिक कानून का उल्लंघन अपराध है। जैसे- हत्या।
अवस्था- जीवन के कुछ बीते हुए काल या स्थिति को ‘अवस्था’ कहते है। जैसे- आपको अवस्था क्या होगी ? रोगी की अवस्था कैसी है ?
आयु- सम्पूर्ण जीवन की अवधि को ‘आयु’ कहते है। जैसे -आप दीर्घायु हों। आपकी आयु लम्बी हो।
अपयश- स्थायी रूप से दोषी होना।
अधिक-आवश्यकता से ज्यादा। जैसे- बाढ़ में गंगा में जल अधिक हो जाता है।
अनुराग- किसी विषय या व्यक्ति पर शुद्धभाव से मन केन्द्रित करना।
आसक्ति- मोहजनित प्रेम को ‘आसक्ति’ कहते है।
अन्तःकरण- विशुद्ध मन की विवेकपूर्ण शक्ति।
आत्मा- जीवों में चेतन, अतीन्द्रिय और अभौतिक तत्व, जिसका कभी नाश नहीं होता।
अध्यक्ष- किसी गोष्ठी, समिति, परिषद् या संस्था के स्थायी प्रधान को अध्यक्ष कहते है।
अर्चना- धूप, दीप, फूल, इत्यादि, से देवता की पूजा।
अभिनन्दन- किसी श्रेष्ठ का मान या स्वागत।
आदि- साधारणतः एक या दो उदाहरण के बाद ‘आदि’ का प्रयोग होता है।
आज्ञा-आदरणीय या पूज्य व्यक्ति द्वारा किया गया कार्यनिर्देश। जैसे- पिताजी की आज्ञा है कि मैं धूप में बाहर न जाऊँ।
आदेश- किसी अधिकारी व्यक्ति द्वारा दिया गया कार्यनिर्देश। जैसे- जिलाधीश का आदेश है कि नगर में सर्वत्र शान्ति बनी रहे।
आदरणीय- अपने से बड़ों या महान् व्यक्तियों के प्रति सम्मानसूचक शब्द।
अभिलाषा- किसी विशेष वस्तु की हार्दिक इच्छा।
अलौकिक- उत्तम गुणवाला
अस्वाभाविक- प्रकृति-विरुद्ध
अनभिज्ञ- जिसे पता न हो
अज्ञात- जिसका पता न हो
अपरिचित- नावाकिफ
आशंका- जान जाने का खतरा
अनुदान- आर्थिक सहायता
अगोचर- जिसे इन्द्रियों द्वारा नहीं प्रज्ञा द्वारा जाना जाय
अज्ञेय- जिसका बोध असंभव हो
अनुरूप-रूप के अनुसार
अनुकूल- अपने पक्ष के मुताबिक
अनुभव- अभ्यासादि द्वारा प्राप्त ज्ञान
अनुभूति- चिन्तन-मननादि द्वारा आंतरिक ज्ञान
अभिज्ञ- अनेक विषयों का ज्ञानी
अनबन- दो व्यक्तियों का आपस में न बनना
अमूल्य- जिसकी कीमत कोई न दे सके
अर्पण- अपने से बड़ों के लिए
अन्वेषण- अज्ञात पदार्थ स्थानादि का पता लगाना
अनुसंधान- छानबीन, जाँच-पड़ताल
अशुद्धि- लायी गई भूल
आधि- मानसिक कष्ट
आह्लाद- वह प्रसन्नता, जो क्षणिक, पर तीव्र भावों से संबंधित हो
आगामी- आगे आनेवाला समय
आराधना- किसी देवता या गुरुजन के समक्ष दया याचना
अभिनेत्री- रंगमंच पर नारी की भूमिका अदा करनेवाली
आमंत्रण- किसी समारोह में सम्मिलित होने के लिए सामान्य बुलावा

( इ )

इत्यादि- साधारणतः दो से अधिक उदाहरण के बाद ‘इत्यादि’ का प्रयोग होता है।
इच्छा- किसी भी वस्तु की साधारण चाह।
ईर्ष्या- दूसरों की उन्नति से जलना

( उ )

उत्साह- काम करने की बढ़ती हुई रुचि।
उद्योग- उद्यम, परिश्रम
उपाय- समस्या, सुलझना
उल्लास- किसी अभिलषित पदार्थ की प्राप्ति की आशा में जो आनंदानुभूति हो
उपासना- अपने इष्टदेश से किसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए एक निष्ठ साधना करना
उपकरण- वह सामग्री जो किसी कार्य की सिद्धि के लिए जुटायी जाती है
उपादान- किसी पदार्थ के निर्माण करने की साम्रगी
उदाहरण- किसी बात को सिद्ध करने के दिया गया प्रमाण


Shivek Sir gk