Shbad parivar- ||शब्द परिवार)-विज्ञापन||

February 21, 2021

शब्द परिवार – (Shbad parivar)

शब्दों का भी अपना परिवार होता है। यह परिवार दो तरह का होता है-

(A) विभिन्न भाषाओं में एकरूपता के कारण उन शब्दों को पारिवारिक शब्द माना गया है। नीचे कुछ उदाहरण दिया जा रहा है-

1. माता-मा-मम्मी-मदर : ‘माता’ शब्द भारोपीय परिवार का एक प्राचीनतम शब्द है, जिसका प्रयोग आर्य जाति बहुत पहले से कर रही थी। इसी कारण इसे-

ग्रीक मेंmeterलैटिन मेंmater
लिथुवानियन मेंmoteस्लाव मेंmati
जर्मन मेंmuotar/mutterआइसलैंडिकmodir
डचmoederसंस्कृतमातृ
अंग्रेजीmother

2. पिता-पितु-पितृ-फादर : यह भी अत्यन्त पुराना शब्द है। इसका संबंध ‘पा’ धातु, जिसका अर्थ है- पालन से माना जाता है। इसका आधार अनुकरणमूलक शब्द ‘पा’ से है। वस्तुतः छोटे बच्चे आरंभ में पा, मा, आदि ओष्ठ्य ध्वनियों का उच्चारण करते हैं। इसे विभिन्न भाषाओं में भिन्न-भिन्न नामों से संबोधित किया जाता है। जैसे-

अवेस्तापिताग्रीकpatter
संस्कृतपितृलैटिनpater
जर्मनvaterगौथिकfadar
अँग्रेजीfather

3. पुत्र-बेटा-सुत-सन-सुनू-स्नुषा : ‘पुत्र’ शब्द की व्युत्पत्ति गोपथ ब्राह्मण, निरूक्त, रामायण, महाभारत, मनुस्मृति, पठोपनिषद् आदि में मिलती है। एक मत के अनुसार इसकी रचना ‘पुत्’ से मानी गई है। कठोपनिषद् में कहा गया है: ”पुं नरकात् त्रायते इति पुत्र:।” अर्थात् ‘पुत्’ नामक नरक से तारनेवाले को ही पुत्र कहा गया है। इसकी व्युत्पत्ति है: पुत्+त्र/ इस आधार पर ‘पुत्र’ को ‘पुत्त्र’ लिखना चाहिए, लेकिन प्रचनल में ‘पुत्र ही लिखा जाता है। पुत्रार्थी संस्कृत शब्द ‘सूनु’ अपेक्षाकृत अति प्राचीन है। इसका संबंध ‘सू’ (पैदा होना) धातु से माना जाता है। अर्थात ‘सूनु’ वह है, जो पैदा हो। इसे-

अंग्रेजी मेंsonअवेस्ता मेंhunu
लिथुवानियन मेंsunusस्लाव मेंsynu
गोथिक मेंsunusऐंग्ला-सैक्सन मेंsunu
जर्मन मेंsohnडच मेंzoon
नार्स मेंsunu

वैदिक साहित्य में ‘स्नुषा’ (पतोहू) का संबंध भी ‘सूनु’ से ही माना जाता है। इस ‘स्नुषा’ का रूप भी विभिन्न भाषाओँ में इस प्रकार मिलता है-

पंजाबी मेंनूलैटिन मेंsnurus
स्लाव मेंsnuchaऐंग्लों सैक्सन मेंsnoru
जर्मन मेंsnura, schnurग्रीक मेंnuos
हिन्दी मेंपतोहूसंस्कृत मेंपुत्रवधू

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