Suchana Lekhan Notice Writing

February 21, 2021

सूचना लेखन (Notice Writing) की परिभाषा

सूचना मौखिक या लिखित रूप में दी जाती है। आधुनिक युग में मौखिक सूचना आकाशवाणी, रेडियो, टेलीविजन आदि के माध्यम से दी जाती है। जब सूचना लिखित रूप में देने के लिए तैयार की जाती है, तो उसे ‘सूचना लेखन’ कहते हैं।

दूसरे शब्दों में- कम से कम शब्दों में दी जाने वाली जानकारी जो लघु रूप में औपचारिक शैली में लिखी जाती है, वह सूचना लेखन कहा जाता है।सूचना लेखन संक्षिप्त लेखन की एक विद्या है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों के व्याकरणिक दृष्टि से शुद्ध हिंदी लेखन कौशल के साथ-साथ संक्षिप्त रूप में उनके विचारों की स्पष्ट अभिव्यक्ति संबंधी क्षमता का भी आकलन किया जाता है।

सूचना लेखन के उद्देश्य

(1) सार्वजनिक रूप से सभी लोगों को एक साथ सूचना यानी जानकारी देना।
(2) किसी महत्त्वपूर्ण घटना या कार्यक्रम के बारे में पूर्व जानकारी उपलब्ध कराना।
(3) सूचना का उद्देश्य किसी विषय के बारे में अखबारी, पत्र-पत्रिकाओं आदि के माध्यम से सभी लोगों को सूचित करना होता है।
(4) सूचना लेखन का उद्देश्य संक्षिप्त में पूरी सूचना अथवा जानकारी लोगों को प्रदान करना होता है।

सूचना लेखन का महत्त्व-

सूचना लेखन का अपना एक विशेष महत्त्व है। जब एक ही जानकारी को बहुत सारे व्यक्तियों को व्यक्तिगत स्तर पर अलग-अलग देना संभव नहीं होता, तब इसके लिए सूचना लेखन का सहारा लिया जाता है।
इसके माध्यम से किसी व्यक्ति अथवा संगठन की ओर से किसी जानकारी, चेतावनी आदि की सार्वजनिक रूप से घोषणा की जाती है। साधारणतः लिखित सूचना समाचार-पत्रों या पत्रिकाओं में प्रकाशित की जाती है या विद्यालय, कॉलेज, कार्यालय आदि संस्थाओं द्वारा सूचना बोर्ड पर प्रदर्शित की जाती है। यह अत्यंत संक्षिप्त और औपचारिक होती है।

-सूचना लेखन के प्रकार-

(1) बैठक की जानकारी देने से संबंधित सूचना लेखन।
(2) किसी कार्यक्रम (प्रतियोगिता, यात्रा, भ्रमण, वार्षिक कार्यक्रम, समारोह अदि) के आयोजन से संबंधित सूचना लेखन।
(3) सामान गुम हो जाने या पाए जाने की जानकारी देने से संबंधित सूचना लेखन।
(4) नाम, पता, आवास, कंपनी, बैंक खाता आदि बदलने की सूचना देने से संबंधित सूचना लेखन।
(5) अपील करने या चेतावनी देने से संबंधित सूचना लेखन।

सूचना लेखन के लिए ध्यान देने योग्य बातें

(1) सूचना लेखन के आरंभ में सूचना जारी करने वाली संस्था अथवा संगठन के नाम का उल्लेख अवश्य होना चाहिए।

(2) इसके बाद अगली पंक्ति में सूचना शब्द लिखना चाहिए।

(3) ‘सूचना’ शब्द लिखने के बाद अगली पंक्ति में बाई तरफ दिनांक लिखनी चाहिए।

(4) इसके पश्चात सूचना का विषय लिखना चाहिए, जो संक्षिप्त तथा स्पष्ट हो।

(5) सूचना लेखन में सभी आवश्यक जानकारी सम्मिलित की जानी चाहिए, जिससे इसका उद्देश्यपूर्ण हो।

(6) सूचना लेखन में अनावश्यक बातों का समावेश नहीं करना चाहिए, इससे सूचना लेखन की महत्ता कम हो जाती है।

(7) सूचना लेखन से क्या, क्यों, कब, कहाँ कौन आदि प्रश्नों के उत्तर प्राप्त होने चाहिए। इसका अर्थ यह है कि सूचना लेखन में विषय से संबंधित पूर्ण जानकारी का समावेश होना अनिवार्य है।

(8) सूचना लेखन के अंत में नीचे बाई तरफ सूचना देने वाले व्यक्ति के नाम तथा पद का उल्लेख अवश्य करना चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर हस्ताक्षर भी करने चाहिए।

(9) सूचना लेखन की भाषा सरल, स्पष्ट, प्रभावी तथा औपचारिक होनी चाहिए।


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